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संदेश

Winter Special Shayari.(judaai).

 तस्वीर जलाई थी तुमने मेरी,  चंद पैसों के वास्ते ! जा, आज से अलग हैं , तेरे  मेरे रास्ते !! You burnt my photo for a few rupees! Go, your and mine paths are different from today!! मैंने खुद को कुछ यूं  बर्बाद कर लिया ! जो सहारा थे जीने का , उन्ही पंछियों को आजाद कर दिया !! I kind of ruined myself! Those birds which were the support for survival, were freed. उसकी बेवफाइयों के किस्से सरेआम नहीं करूंगा मैं ! अब कुछ भी करूंगा , पर उसको बदनाम नहीं करूंगा मैं!! I will not share the stories of his infidelities publicly! Now I will do anything, but I will not defame him!! तेरी जुदाई के लम्हें कुछ यूं हो गए! हम मशहूर थे गैरों में, अब अपनो में भी खो गए!! The moments of your separation became like this! We were famous among others, now we are lost even among our own people!! जलाकर ख्वाहिशें अपनी , शौक को दफना दिया हमने ! दर्द चेहरे से बयां न हों जाए , इसलिए जोकर का मुखौटा पहना दिया हमने ! We have burnt our desires and buried our hobbies. To prevent the pain from being expressed...

रंगों का जादूगर (Rango ka jadugar)

        Rango ka jadugar A stanlee Creation  Image from:Artist Stainlee James रंगों से खेलना है.. अगर.. चलो "स्टेनली" गॅलरी की.. डगर .. रंगों का  जादूगर है.. वो.. रंगों से खेल खेल में.. करता है अद्भुत.. शो.. कोरे काग़ज़ पर.. प्रकृति उकेरता.. कभी किसी तस्वीर में.. आत्मा भरता .. कभी किसी पंछी को.. जिन्दा करता.. उसकी कला की कदर.. इंसान क्या.. हर परिंदा भी करता.. स्वर्ग को.. पृथ्वी पर उतारा है.. ये कौन चित्रकार है.. जिसने भगवान को.. पुकारा है.. ईशू की पुन्हा.. पृथ्वी पर.. आने की तैयारी है.. ऐसी सुंदर चित्रकारी.. तुम्हारी है.. भगवान तस्वीर में.. सजीव हो उठे.. चारो ओर हल चल है.. पशु  पंच्छी में भी.. कोलाहल है.. तुम्हारी चित्रकारी को.. उत्सुकता से निहारते हैं.. ईशा को देख सजीव.. नाम तुम्हारा .. " स्टेनली" पुकारते   हैं.. क्या पृथ्वी क्या आकाश.. क्या चाँद तारे.. और सूर्य का प्रकाश.. तुम्हारी कूची में.. सब रसा बसा है.. तुमने तस्वीरों को.. इतने आकर्षक ढंग से.. कॅनवास पे कसा है.. तुम्हारा हर चित्र.. हकीकत लगता है.. मन बेचैनी में.. तुम्हारी तस्वीरों में....

दिल में भगवान था (Dil me Bhagwan tha)

                                    मैंने बसाया था.. तुम्हें अपने दिल में.. भगवान सा.. गुमान था मुझे.. तुम पर बहुत.. मगर क्यों ना हो सका.. तेरी बेवफाई का.. जरा भी भान सा.. क्या करु मैं अब.. तेरे विचार.. बदल सकता नहीं.. तुम्हें तो चाहिये था.. एक शख्स.. बड़ा धनवान सा .. सब्र किया होता.. मैं भी एक.. काबिल इंसान था.. तेरे बारे में.. सोचा बहुत.. सोचने से खुद को.. रोका बहुत.. फिर भी.. आ ही जाता है .. दिल में.. तेरी यादों का.. तूफ़ान सा.. मेरा दिल तो कभी.. तेरा अपना घर था.. खुशियो से भरा भरा.. आज एक खण्डहर है.. वीरान सा.. गलत तू थी कि.. मैं था.. यह हम दोनों के.. दरम्यान था.. चाहत मेरी.. दिल में ही.. दफॅन हो गई कहीं... तेरी बेवफाई से.. उभर ना पाया.. हमारे बीच में आया.. कौन शैतान था.. कदर तूने ना की.. मेरे प्यार की कभी.. ना समझा जो मेरा.. तुझ पर अहसान था .. शोहरत दौलत.. मिले ना मिले.. इस जीवन में.. एक साथी मिले.. प्यारा सा दिलबर.. इंसान सा.. दौलत की.. ख्वाईश को चुना तूने.. चाहे दौलत के पिछे.. छुपा हैवान था....

Papa ki yaad( पापा की याद)

                                 Papa ki yaad Image from:pexels.com  एक कमरा था.. पापा के ओज से.. भरा भरा सा.. आवाज आती थी.. कमरे से उनकी  .. यदा कदा.. खाना पानी और दवा.. या सर दुखता है दबा.. ईश्वर की स्तुति.. उनकी रजा में ही.. संतुष्ट रहने की सहमती.. आज कमरे में.. है खामोशी खाली .. जैसे खुशियो ने.. नज़र चुरा ली.. कान लगा कर.. सुनता हूं.. शायद बोलेंगे पापा.. कमरा पापा की.. दुनिया का प्रतीक था.. याद किया उन्होंने.. हर पल.. जो उनका अतीत था.. कुच्छ अच्छी बाते.. कुछ अनकही सच्ची बाते.. फ़िर से.. उठ खडे होने की चाह.. ईश मिलन का रास्ता.. आंखे जो उस कमरे में.. जहान देखती थी.. हमेशा सजग.. उम्मीद अनहोनी की.. वो आंखे बंद हो गई.. सदा के लिये.. दुखद अनहोनी थी.. ईश्वर की अराधना.. कुछ बिना मांग की.. वो करते थे प्राथना.. तेरा किया अच्छा लागे.. तेरा भाना सच्चा  लागे.. और थी ना कोई बात ना.. खामोशी और.. ईश्वर से सच्चा प्यार.. और किसी छह की.. उन्हें ना थी दरकार.. बीच बीच में.. स्वजनों को पुकार.. यही था उनका....

THE ROMANTIC LOVE SHAYARI.

  मेरी नजर का सफर आकर तुझ पर ही रुके ! कहने को अब बाकी है क्या, कहना था जो, कह चुके!! May the journey of my eyes stop at you only! What is left to say, what had to be said has already been said!! तुझे बाहों में समां लेता अगर जमाने का दर ना होता ! हाथ थाम कर मैं भी चल लेता अगर रास्ते में मेरा घर ना होता !! I would have held you in my arms had it not been for the times! I too would have walked holding your hand if my house was not on the way!! लाख खफा सही मगर थोड़ी सी मोहब्बत जता देना ! अगर मिल जाए तुमको फुर्सत दुनियादारी से, तो अपना हाल बता देना !! You may be upset but show a little love! If you get time from worldly affairs, So tell me your condition!! ये कहा से सीखा तुमने रूठ जाने का तरीका ! मुझे मनाने का हुनर नही आता , मान जाओ  ना ,............. ये तुम्हारा उतरा हुआ चेहरा मुझसे देखा नही जाता !! Where did you learn this way of getting angry! I don't have the skill to persuade, Wheedle ,............. I can't bear to see this sad face of yours!! कुछ देर ठहरो मेरी बाहों में, तब ...

जीवन यात्रा (Jeewan Yatra)

                     Jeewan yatra Image from:pexels.com  जीवन पृथ्वी की.. एक छोटी सी.. यात्रा है.. इस यात्रा में.. तुम्हारे हर एक्शन पर.. फुल स्ताप, कोमा.. और मात्रा है.. दृष्टि तुझ पर.. हर पल रखता.. जगत विधाता.. तेरा जीवन दाता.. ईश्वर ने हमें.. रिटर्न वीजा पर.. यहां भेजा है.. उनके पास तेरी.. जीवन डोर.. और धडकता तेरा.. कलेजा है.. यात्रा में.. रास्ते से ना भटको .. ईश्वर के बताये.. मार्ग पर चलते रहो.. कहीं मोह माया.. लोभ व्यभिचार.. रिश्तों नातों में.. मत अटको .. वर्ना पड़ेगा भारी.. तेरे कर्मों पर.. चलेगी आरी .. बन्द होंगे.. स्वर्ग के द्वार.. खुलेंगे नरक के किवाड़.. यात्रा का शुभारंभ.. कोमल भोला चेहरा.. नन्हा सा बच्चा.. लगता है प्यारा.. सबको अच्छा.. बचपन का वरदान.. मौज मस्ती.. और किलकारियाँ.. बीतते ही बचपन.. घेरती दुख चिन्ता.. और बीमारियाँ.. इस बीच.. जवानी का विश्राम.. भी आता है.. गुलछर्रे आनंद.. परमानंद.. प्रेम प्रसंग.. सब कुछ मिलता है.. जीवन बहुत भाता है.. यहां सयम है जरूरी.. वापिस भी जाना है.. ना समझो.. इसे मजबूरी.. यात्रा समाप...

ईश्वर ही पक्का पता (Ishwar hi pakka pata)

                    Ishwar pakka pata Image from:pexels.com  हे प्रभु.. तेरे हुक्म से आया.. तेरे हुक्म से जाना है.. तुमसे रिश्ता.. सदियों पुराना है.. तेरे चरणों में ही मेरा..  पक्का पता ठिकाना है.. मुझे नहीं मालूम.. क्या है आत्मा का किस्सा.. मगर एहसास कि.. मैं हूँ  तुम्हारा हिस्सा .. तेरे हुक्म बगैर संसार में.. पत्ता भी नहीं हिलता.. प्रकृति जीव जंतू.. पेड़ पौधे फल फूल.. तेरी ईच्छा से ही खिलता.. भाग्य में.. तुमने जो लिखा है .. वही जीवन में है मिलता.. लगन मेहनत प्रेरणा.. तेरा ही आशिष है.. सफ़लता.. तेरी दी बक्षीस है.. तो इतराना कैसा.. इंशा ने बनाया पैसा.. पैसे की खनक.. जिंदगी की चमक.. ये चंद दिनों का.. मेला है.. तेरे बनाये भाग्य के.. खेल में.. इंसान खेला है.. संसार रूपी मंच पर.. अभिनय जारी है.. जिसका रोल खत्म.. उसकी जाने की बारी है.. मंदिर मस्जिद तपस्या.. क्या है इंसान के..  जीवन की समस्या.. तेरा नाम जप के.. तुझे पाना है.. मुझे पता है.. तुझ मैं हूँ समाहित.. एक तू ही प्रभु.. मेरा पक्का पता.. और ठिकाना है.. तेरी लीला.. समझ...

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